महराजगंज। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश पर जूता फेंकने और रायबरेली में दलित युवक की निर्मम हत्या जैसी घटनाओं के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार को गांधी पार्क से सक्सेना चौराहे तक कैंडल मार्च निकाला। मार्च का नेतृत्व नगर प्रभारी क्षितिज सिंह ने किया, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।
क्षितिज सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पर जूता फेंकना न केवल न्यायपालिका का अपमान है, बल्कि यह लोकतंत्र और संविधान की संस्थाओं को कमजोर करने का सुनियोजित प्रयास भी है। महात्मा गांधी और बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के देश में ऐसी हरकतें अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हैं। यह भाजपा की मानसिकता को उजागर करती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की, तो पार्टी सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी। नेताओं ने आम जनता से अपील की कि वे संविधान, न्याय और समानता की रक्षा के लिए एकजुट हों और लोकतंत्र पर हो रहे हमलों के खिलाफ आवाज बुलंद करें।
जिला उपाध्यक्ष गामा प्रसाद ने रायबरेली कांड को दलित विरोधी मानसिकता और समाज में बढ़ती जातीय नफरत का स्पष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से देश में सामाजिक सौहार्द्र और संविधान के मूल्यों को गंभीर खतरा है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि महेंद्र सिंह ने भी वर्तमान सरकार पर दलित और संविधान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश में अराजकता चरम पर है।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले आरोपी वकील तथा रायबरेली हत्या कांड के दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में मोमबत्तियां जलाकर विरोध प्रकट किया और नारेबाजी भी की। इस मौके पर नूर आलम, शंकर सिंह, प्रमोद सिंह, नरसिंह लाल, रविंद्र कुमार, उमेश चन्द, धनश्याम वर्मा सहित कई कांग्रेसियों ने कहा कि न्यायपालिका और सामाजिक समरसता पर हमले को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और कांग्रेस लगातार इन घटनाओं के खिलाफ जन आंदोलन जारी रखेगी।
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