महराजगंज। जिला मुख्यालय परिसर में सोमवार को आंगनबाड़ी कर्मचारी व सहायिका एसोसिएशन ने अपनी लंबित समस्याओं और मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। धरने का नेतृत्व जिलाध्यक्ष छाया भारती ने किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को संबोधित 11 सूत्रीय मांग पत्र प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा गया।
जिलाध्यक्ष छाया भारती ने कहा कि प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने ऑनलाइन प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए अथक प्रयास किया, लेकिन खराब मोबाइल और कमजोर नेटवर्क के कारण टीएचआर वितरण में एफआरएस प्रक्रिया करना संभव नहीं हो पा रहा है। कार्यकत्रियों ने महंगे मोबाइल खरीदने के लिए कर्ज तक लिया, लेकिन मानदेय न बढ़ने से उनकी स्थिति दयनीय हो गई है।
जिला संरक्षक राधेश्याम मौर्या ने बताया कि 20-40 वर्षों की सेवा के बाद भी कार्यकत्रियों को न तो प्रमोशन, पेंशन, ग्रेच्युटी, सामाजिक सुरक्षा फंड और न ही उचित मानदेय मिल पा रहा है। 62 वर्ष की आयु पूरी होने पर उन्हें बिना किसी लाभ के सेवा से हटाया जा रहा है, जिससे उनका भविष्य असुरक्षित है।
धरने में कार्यकत्रियों ने प्रमुख मांगों में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए, तब तक कार्यकत्रियों को 18 हजार और सहायिकाओं को 9 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाए। इसके अलावा सेवा नियमावली बनाए जाने, पेंशन-ग्रेच्युटी का लाभ, 5G मोबाइल खरीदने हेतु धनराशि, प्रोत्साहन राशि का नियमित भुगतान, बीएलओ की जबरन ड्यूटी खत्म करने तथा पोषण ट्रैकर व अन्य ऐप से जुड़े साइबर अपराधों की रोकथाम और पोषाहार की नियमित आपूर्ति की भी मांग की गई।
इस दौरान राजमती, सतरून, पुष्पा, प्रमिला, सोना, सुनिता, सरोज जायसवाल, सीमा कन्नौया, ज्ञानमती, नीता भारती, सत्यावती चौहान, शोभा, आयसा बेगम, राधिका, प्रवेजआलम, दिलिप सिंह, टुनटुन उर्फ इस्तखार, शीला देवी मोदलता. भानु शुक्ला, सीमा विश्वकर्मा, सुमन, माधुरी ब्लाक अध्यक्ष, आंगनबाड़ी कार्यकत्री व सहायिकाएं मौजूद रहीं।
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