महराजगंज। जिले के मिठौरा ब्लॉक की ग्राम सभा रेहाव निवासी 70 वर्षीय मुन्नी देवी पत्नी राम नारायण ने मंगलवार को अपने नाती प्रदीप साहनी के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर जीवित होने की गुहार लगाई। वृद्धा ने आरोप लगाया कि गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से उन्हें कागज़ों में मृत दिखा दिया गया है, जिसके चलते उनकी वृद्धा पेंशन बंद कर दी गई है।
मुन्नी देवी ने बताया कि वे वर्षों से वृद्धा पेंशन की लाभार्थी रही हैं। मई माह में जानकारी लेने पर उन्हें पता चला कि 12 मार्च से उनकी पेंशन बंद कर दी गई है और रिकॉर्ड में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है। पीड़िता ने बताया कि उनका बैंक खाता अब भी सक्रिय है और 14 अगस्त को उन्होंने स्वयं पैसे की निकासी की है। इससे साफ है कि वे जीवित हैं, फिर भी साजिशन उन्हें मृत दर्शाकर उनका हक छीना जा रहा है। वृद्धा ने डीएम से प्रार्थना पत्र देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही पेंशन तुरंत बहाल करने की गुहार लगाई। मुन्नी देवी ने कहा कि इस धोखाधड़ी के कारण उन्हें मानसिक और आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आश्वासन दिया है।
महिला मुन्नी ने अपना दर्दभरा बताते हुए कहती है मैं पूरी तरह जीवित हूं, फिर भी कागज़ों में मुझे मृत दिखा दिया गया। मेरी पेंशन रोक दी गई है। बुढ़ापे में दो वक्त की रोटी के लिए दूसरों पर निर्भर होना पड़ रहा है। यह मेरे साथ बहुत बड़ा अन्याय है। गांव के कुछ लोगों की साजिश से मुझे अपमान और पीड़ा झेलनी पड़ रही है। मैंने खुद बैंक से पैसे निकाले, फिर भी मुझे मृत बता दिया गया। मैं जिलाधिकारी से हाथ जोड़कर विनती करती हूं कि मुझे मेरा हक वापस दिलाया जाए।
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