महराजगंज। जिला मुख्यालय पर बुधवार को भारतीय बौद्ध महासभा ने प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष गामा प्रसाद के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने धरना स्थल से डीएम कार्यालय तक आक्रोश जुलूस निकालकर विरोध जताया। बिहार, मध्यप्रदेश व महाराष्ट्र के राज्यों की सरकारों के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में मुख्यमंत्रीगण को संबोधित तीन सूत्रीय मांग पत्र प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा गया।
जिलाध्यक्ष गामा प्रसाद ने बिहार सरकार पर आरोप लगाया की है कि महाबोधि मंदिर अधिनियम 1949 का उल्लंघन करते हुए बोर्ड में केवल चार बौद्ध शामिल किए गए हैं। मांग की गई कि बोर्ड का प्रबंधन पूरी तरह बौद्ध समाज को सौंपा जाए और इसमें डॉ. यशवंतराव आम्बेडकर की भागीदारी अनिवार्य हो। कार्यकर्ताओं ने कहा कि मध्यप्रदेश के महू में स्मारक का संचालन आम्बेडकरवादी विचारधारा के विपरीत हो रहा है। जयभीम की जगह अन्य घोषणाएं की जा रही हैं, जिससे देश-विदेश से आने वाले अनुयायी आक्रोशित हैं। महासभा ने स्मारक का प्रबंधन भारतीय बौद्ध महासभा और अम्बेडकर परिवार को सौंपने की मांग की।
वहीं महाराष्ट्र के नागपुर महासभा ने दीक्षाभूमि पर असंवैधानिक कब्जे का आरोप लगाया। कहा कि यह स्थल डॉ. यशवंतराव आम्बेडकर को सुपुर्द किया गया था, किंतु निर्माण समिति ने कब्जा कर लिया है और पार्किंग के नाम पर इसकी गरिमा को ठेस पहुँचाई जा रही है। इस दौरान जगलाल बौद्ध, प्रदुमन, राममिलन बौद्ध, सुदामा प्रसाद, छोटू बौद्ध, सूरज नायक, राम अवतार, रामकेवल, नरसिंह, राम चरन, मक्खन, जीतेन्द्र सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे।
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