महराजगंज। आज़ाद नगर स्थित ईंट निर्माण समिति कार्यालय पर सोमवार को ईंट भट्ठा संचालकों की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष जहिर खां ने की। इसमें जिलेभर से आए भट्ठा मालिकों ने जीएसटी दर में भारी बढ़ोतरी और खनन विभाग की मनमानी के खिलाफ कड़ा रोष जताया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पहले 6 फीसदी जीएसटी लागू था, जिसे अब बढ़ाकर 18 फीसदी कर दिया गया है। इससे पहले से महंगे कोयले, मजदूरी, परिवहन और मिट्टी की लागत के बीच ईंट उद्योग की हालत बदतर हो गई है। संचालकों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र राहत नहीं दी, तो आंदोलन की राह अपनानी पड़ेगी।
अध्यक्ष जहिर खां ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अचानक जीएसटी दर बढ़ाने से ईंट उद्योग पर आर्थिक संकट गहरा गया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से न केवल भट्ठा मालिक, बल्कि हजारों मजदूरों की रोज़ी-रोटी पर भी असर पड़ेगा। अब उद्योग चलाना मुश्किल हो गया है, सरकार को तत्काल जीएसटी दर घटानी चाहिए। महामंत्री पियूष कर्मचंदानी ने खनन विभाग पर निशाना साधते हुए कहा कि वैध कागज़ात और लाइसेंस होने के बावजूद अधिकारी जांच के नाम पर भट्ठा मालिकों का उत्पीड़न कर रहे हैं। वहीं कोषाध्यक्ष रामकुमार जायसवाल ने कहा कि अगर जल्द समाधान नहीं मिला तो लखनऊ में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि जीएसटी दर कम करने और खनन विभाग की मनमानी रोकने के लिए सरकार को ज्ञापन भेजा जाएगा। अध्यक्ष जहिर खां ने चेतावनी दी कि अगर लखनऊ में भी सुनवाई नहीं हुई, तो दिल्ली तक आंदोलन का बिगुल फूंका जाएगा। इस दौरानजीतेन्द्र पाल सिंह, सलीम, रामप्रीत गुप्ता, कृष्णगोपाल जायसवाल, सिद्धार्थ, व्यास मुनि, अभय जायसवाल, आनंद प्रकाश जायसवाल, अनु भैया आदि भठ्ठा मालिक मौजूद रहें।
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