महराजगंज। इफको द्वारा सिविल लाइन स्थित काका मैरेज हॉल में बिक्री केंद्र प्रभारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 60 प्रभारी शामिल हुए। विशेषज्ञों ने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग से खेती की लागत घटाने, उपज बढ़ाने और मिट्टी व पर्यावरण संरक्षण में सहायक बताया।
मुख्य अतिथि कृषि विज्ञान केंद्र वसुली के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. त्रिवेणी तिवारी ने रासायनिक उर्वरकों का सीमित प्रयोग करने पर बल देते हुए कहा कि नैनो उर्वरक समय की जरूरत हैं। उन्होंने जैविक खेती को भी टिकाऊ विकल्प बताते हुए किसानों से इनका प्रयोग बढ़ाने की अपील की। इफको गोरखपुर के वरिष्ठ क्षेत्र प्रबंधक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि नैनो उर्वरक सुरक्षित हैं। इससे उत्पादन बढ़ेगा, लागत घटेगी और आयात पर निर्भरता कम होने से देश का आत्मसम्मान भी बढ़ेगा। इफको महाराजगंज के क्षेत्र प्रबंधक विनोद कुमार मौर्य ने नैनो डीएपी, नैनो यूरिया, नैनो जिंक और नैनो कॉपर समेत विभिन्न उत्पादों के लाभ गिनाए। उन्होंने कहा कि नैनो तकनीक से खेती की उत्पादकता में सुधार होगा और किसानों को बेहतर आमदनी मिलेगी।
इस अवसर पर एसएफए मधुसूदन पांडेय, एएसए सुधांशु तिवारी, एमडीई रोहित प्रजापति सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। वहीं आईएफएससी कृषक सेवा केंद्र सिंदुरिया के रणंजय सिंह और क्रय-विक्रय केंद्र बन्नी ढाला के रामानंद सिंह ने नैनो उर्वरकों के प्रयोग से मिले सकारात्मक अनुभव साझा किए।
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