महराजगंज। सदर सीएचसी सभागार में मंगलवार को आयोजित आशा कार्यकर्ताओं की मासिक बैठक में अधीक्षक डॉ. केपी सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन आशाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया, जिन्होंने पिछले चार माह में एक भी प्रसव नहीं कराया। समीक्षा बैठक में सामने आया कि जिले की कुल 49 आशाओं ने लगातार चार महीनों तक जीरो डिलेवरी दर्ज की है।
बैठक के दौरान स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी श्रीभगवत सिंह ने आशाओं की डायरियों का गहन अनुश्रवण किया। इस दौरान अधिकांश डायरियों में गंभीर खामियां पाई गईं। कई आशाओं ने गर्भवती महिलाओं की सूची समय पर अपडेट नहीं की थी, वहीं कुछ ने टीकाकरण और प्रसव पूर्व जांच का सही तरीके से उल्लेख भी नहीं किया था। इस लापरवाही पर अधीक्षक ने नाराजगी जताई और कहा कि यदि आगे सुधार नहीं हुआ तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. केपी सिंह ने कहा कि आशाओं की जिम्मेदारी सिर्फ लाभार्थियों को दर्ज करने तक सीमित नहीं है, बल्कि गर्भवती महिलाओं को समय से स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करना भी उनका दायित्व है। जीरो डिलेवरी की स्थिति यह दर्शाती है कि आशाओं ने अपने कार्य के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई।
जिन क्षेत्रों की आशाओं पर कार्रवाई की गई है उनमें बासपार, चेहरी, धनेवा, दुबौली, करमहा, कटहरा, दरौली, खुटहा बाजार, महुअवा, मटिहनियाँ, पकड़ी अमहवा, नेता सुरुहरवा, पिपरा रसूलपुर और रामहौल शामिल हैं। अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आशाओं को सुधार के लिए अंतिम अवसर दिया गया है। यदि स्थिति में बदलाव नहीं हुआ तो संबंधित आशाओं को सेवा से हटाने तक की कार्रवाई की जाएगी।
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